शब्दकोष

संक्रमण:  रोग लगना,  रोग के अवयवों (कण) का प्रवेश या रोग के अवयवों से दूषित होना। 

तीव्र: संक्रमण की प्रारंभिक या पहला चरण, आम तौर पर पहले छह महीने।

एंटी-वायरल दवाएँ: एंटी वायरल दवाएं वायरस को फैलने से रोकती हैं। यह एंटीबायोटिक जैसी साधारण दवाओं से अलग होती हैं। जो जीवाणु (बैक्टीरिया) को तो नष्ट कर सकती हैं किन्तु विषाणु को नष्ट या फैलने से नहीं रोक सकती।

इम्यूनटी: शरीर की रोगों से लडने या स्वंय को रोगों से बचाने की क्षमता।

दीर्घ-कालिक: एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी या आवर्ती संक्रमण।

सिरोसिसयकृत के रोग का बाद वाला चरण जिसमें यकृत पर निशान पड़ जाते हैं तथा यह कठोर हो जाता है, और यकृत काम करना कम कर देता है या फिर बंद भी हो सकता है।

निदान:  जांच  या लक्षणों द्वारा किसी बीमारी की पहचान।

फाइब्रोसिस:  यकृत को पहुंची क्षति के परिणामस्वरुप  ऊतकों पर निशान पड़ना।

एचआईवी:  हयूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (एच आई वी) एक प्रकार का विषाणु  है, जो आपके प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर कर देता है। प्रतिरक्षा तंत्र शरीर को रोगों व संक्रमणों से बचाने के लिए होता है, परन्तु एचआईवी उस से भी बच कर आपके शरीर पर हमला करता है और उसे कमजोर कर देता है तथा आप कई अन्य संक्रमणों से बीमार पड़ सकते हैं। अगर इनका इलाज़ न किया जाए तो यह सब जानलेवा संक्रमण में परिवर्तित हो जाता है जिसे डाक्टरी भाषा मे एडस (एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम ) कहा जाता है।

रोगाणुमुक्त करना: बीमारी पैदा करने वाले कीटाणुओं को हटाने की प्रक्रिया।

लक्षण: व्यक्ति के बीमार होने का संकेत देते दिखाई देने वाले चिह्न।

वैक्सिन (टीका) : एक किस्म की दवा जो व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली को किसी विशिष्ट रोग के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में मदद कर उस रोग को होने से रोकती है।

सूजन: शरीर के बिमार हिस्से में गर्माहट, फूलना तथा उसमे दर्द होना, जहां वह ठीक होने की कोशिश कर रहा हो।

एंटीबॉडी: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाये गये रसायनिक ‍अवयव जो बिमारियों से बचाते हैं।

वायरसबिमारी पैदा करने वाला एक विषाणु