मैं हैपेटाइटिस-सी की जाँच कैसे करवा सकता हूँ?

आप हैपेटाइटिस-सी ग्रसित हैं या नहीं।  यह जानने के लिए जाँच करवाना ही एकमात्र रास्ता है। हैपेटाइटिस-सी के सक्रंमण का पता लगाने के लिए दो प्रकार  की जाँच होती हैं।

पहली जाँच (टैस्ट) : हैपेटाइटिस-सी एंटीबॉडी की जाँच

यह जाँच विषाणु से संक्रमित होने के बाद आप के शरीर में पैदा हुई एंटीबॉडी को परखता है।

वायरस से संक्रमित होने के बाद आप के शरीर को पर्याप्त मात्रा मे एंटीबॉडी का उत्पादन करने में लगभग छह हफ्ते से छह महीने लग जाते हैं, ताकि यह परीक्षण में दिख सकें।

चाहे कोई व्यक्ति अपने आप ही अथवा इलाज़ द्वारा विषाण मुक्त हो जाए तथापि उसके रक्त में एंटीबॉडीस हमेशा के लिए बनी रहती हैं। रक्त में एंटीबॉडी होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति किसी दूसरे को हैपेटाइटिस-सी का संक्रमण दे सकता है। इसलिए रक्त में विषाणु की जांच करने के लिए एक दूसरा परीक्षण करना भी आवश्यक है। 

दूसरी जाँच: विषाणु (वायरस)  की जाँच

यह जाँच  (जिसे पी सी आर टेस्ट, वायरल लोड टेस्ट, अथवा आरएनए टेस्ट भी कहते है) हैपेटाइटिस-सी के सक्रिय संक्रमण की जांच करता है। इसके नकारात्मक (नैगेटिव) परिणाम का अर्थ है कि व्यक्ति को हैपेटाइटिस-सी नहीं है तथा सकारात्मक  (पाजिटिव) परिणाम का अर्थ है कि व्यक्ति वायरस से संक्रमित है और दूसरों में भी इसे फैला सकता है।